शनिवार, 13 दिसंबर 2008

जय सांई राम।।।

ये चन्द शेर मेरे उन भाई बहनों के लिये जो इन्तज़ार में हैं कंही ना कंही, किसी ना किसी बात के पूरा होने के लिये। बाबा हैं ना फिर काहे का ग़म है? थोड़ा सब्र थोड़ा सबूरी ही तो चाहते है मेरे बाबा सांई। रुको, थमों और गौर करो।
हारना ना कभी कि तू किसी की हिम्मत है
हर ख्वाब सजाने से पहले 'उसे' तेरी याद आती
हैउम्मीदें यूँही टूटें नही दोस्तकि कटी शाख पे भी कंही एक बीज होता
हैसपने और आंसू दोनो अपने हैंउन्हें साथ लेकर सब चलते
हैंतू क्यों रुका है आंसू देखकरबना ले उम्मीद की राहें कि तुझे आगे बढ़ना
हैदूर है फिर भी तेरी याद 'मेरे' संग
हैकिनारे पे कभी कभी लहरें आती हैखता ना करना
कभी खुद से कितेरे आंसू 'मेरी' सबसे बड़ी हार है।
अपना सांई प्यारा सांई सबसे न्यारा अपना sai
मैं इक अधम पापी प्राणी तन मन भरा विकारना
सपने में साई आते, ना करते स्वीकार
आप सरीखे भक्त जनों से शायद मैं कुछ पाऊंझांक सकूं
कभी अपने भीतर ऐसी क्षमता लाऊं
मोह माया में फंसी pada मैं, इतना भी ना जानूअन्तर्मन में साई बैठे,
कैसे उन्हें पहचानूहे साई जी कृपा करो
अब, अधम जीव को तारोजैसी भी हूं tera ही हूं,
अब तो मुझे स्वीकारोपरम दयालु दया करो अब,
मेरे सपने में आओतुमको अन्दर बैठा देखूं, चमत्कार
मैं क्या मागूं आप से आप की कृपा के सिवा,
सब कुछ दिया आप ने सिर्फ एक झलक के सिवा,
दया कीजिए बुला लीजिएऔर कुछ नहीं चाहती
सिर्फ दर्शन के सिवा~~~चाह जिसे कहते है ,
बच्चे का खिलौना है ,मिल जाए तो मिट्टी है ,
खो जाए तो सोना है~~~
जय सांई राम।।।
ZINDAGI KE HAR PEHLU KE DO MAYNE HOTE HAIN !!YEH TUMHARA PHAISLA HAI KI TUM KAUN SA APNAOGE !! GHUMON KO APNAKER BERANG BANOGE !!KHUSHIYAN CHUNKER SADA MUSKURAOGE !! ZINDAGI TO JAISE EK AAYINA BAN CHUKI HAI !!JIS TARAH DEKHOGE, SAMNE BHI WOHI PAOGE !! HUM YE NAHI KEHTE KE GHUM NAHI AYENGE KABHI !!MAGAR AAP KHUSH RAHOGE TO UNHEN BHI HARA PAOGE !! ZINDA DIL BANKER DEKHO YEH DUNIYA !!JAHAN JAOGE WAHAN KHUSHIYAN HI PAOGE !!
अपना सांई प्यारा सांई सबसे न्यारा अपना सांईॐ सांई राम।।।

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